निजी अस्पताल सील और कलेक्टर के तबादला मामला, तबादला सरकार का प्रशासनिक निर्णय है : मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

👇

Chhattisgarh News/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले से स्थानांतरित कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के अचानक तबादले के बाद रायपुर से लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तक तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के बीच एक निजी अस्पताल को सील किए जाने की कार्रवाई को लेकर कथित तौर पर मतभेद उभरे थे और दोनों के बीच गरमा-गरम बातचीत हुई थी। इसी वजह से महज दो माह पहले पदस्थ हुए कलेक्टर का तबादला कर दिया गया। अब इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से उनकी प्रतिक्रिया ली है।


मंत्री ने अटकलों को बताया निराधार

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में इन सभी अटकलों से पूरी तरह इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तबादले के पीछे कोई आपसी मनमुटाव या बहस नहीं है और ऐसा सोचना भी उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किया गया तबादला है।

किसी अधिकारी से कभी नहीं हुआ विवाद

ज्ञात हो कि, स्वास्थ्य मंत्री ने गरमा-गरम बहस की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि आज तक उनका किसी भी अधिकारी के साथ कोई विवाद या नोकझोंक नहीं हुई है और न ही ऐसा कोई रिकॉर्ड है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वे उस जिले के प्रभारी मंत्री नहीं हैं और इस तबादले से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है।

कलेक्टर का तबादला सरकार का प्रशासनिक निर्णय

हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों में अधिकारियों के कामकाज का आकलन करती है। यह तबादला पूरी तरह प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के स्तर पर लिए जाते हैं।

निजी अस्पताल पर कार्रवाई का भी किया जिक्र

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि निजी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का मामला भी उनके संज्ञान में आया है। लीलावती और ज्योति सोनवानी की मौत के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ज्योति सोनवानी के मामले में प्लेसेंटा अंदर पाए जाने की पुष्टि हुई है। आरोप है कि अस्पताल संचालक पर्याप्त सुविधाओं के बिना मरीजों का इलाज कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।


दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

दरअसल, इस गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता। मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एनेस्थीसिया डॉक्टर की कमी पर भी दिया आश्वासन

फिलहाल, संवाददाता ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया कि जीपीएम जिले में पिछले दो महीनों से एनेस्थीसिया डॉक्टर नहीं होने के कारण स्थानीय आदिवासी मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इस पर मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया।

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment