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Ravi Kishan Trolled After Playing Lord Rama: नवरात्रि और दशहरे के पावन मौके पर दिल्ली की मशहूर ‘अयोध्या की रामलीला’ में इस बार कुछ ऐसा हुआ, जिसने मंच से ज्यादा सोशल मीडिया पर ड्रामा क्रिएट कर दिया. आमतौर पर रामलीला में भगवान राम के दर्शन कर लोग भाव-विभोर हो जाते हैं और पंडाल ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठता है. लेकिन इस बार जब भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और राजनेता रवि किशन प्रभु श्रीराम के अवतार में धनुष-बाण लेकर मंच पर आए, तो इंटरनेट की जनता भाव-विभोर होने के बजाय अपना माथा पकड़ कर बैठ गई.
मर्यादा पुरुषोत्तम राम का पवित्र किरदार और ‘लहंगा उठा देब रिमोट से’ गाने पर थिरकने वाले भोजपुरी हीरो… जरा सोचिए, क्या अद्भुत कॉम्बिनेशन है. वैसे तो कहते हैं कि एक सच्चा कलाकार किसी भी भूमिका में ढल सकता है, लेकिन शायद कास्टिंग डायरेक्टर यह भूल गए कि सोशल मीडिया की जनता का ‘मेमोरी कार्ड’ बहुत शार्प है. जैसे ही रवि किशन की रामलीला वाली तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, ‘X’ पर मीम्स और ट्रोलिंग की एक अलग ही ‘रामलीला’ शुरू हो गई.
‘लहंगा उठा देंगे रिमोट से’ वाले रवि किशन बनेंगे राम?
रवि किशन भोजपुरी इंडस्ट्री के उन सितारों में शामिल हैं, जिनकी लोकप्रियता लंबे समय से बरकरार है. एक X यूजर ने वो बात कह दी जो शायद कइयों के मन में खटक रही थी.
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उन्होंने रवि किशन के पुराने और बहुचर्चित भोजपुरी गाने की याद दिलाते हुए लिखा,
“जो आदमी ‘लहंगा उठा देंगे रिमोट से’ जैसे गाने करता है… वो राम जी का किरदार निभा रहा है… यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. कहां हैं सनातनी? क्या यह शर्म की बात नहीं है?”

User- Comment- on Ravi- Kishan
इस कमेंट से इतना तो साफ है कि लोगो को रवि किशन का राम बनना पसंद नहीं आया. ‘लहंगा उठा देब रिमोट से’ जैसे अश्लील गानों पर थिरकने वाले रवि किशन को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ श्रीराम के पवित्र किरदार में देखकर जनता भड़क गई है। दर्शकों का साफ कहना है कि पर्दे पर ऐसी विवादित छवि वाले अभिनेता को भगवान राम के रूप में कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता.
‘जब रावण राम बनने लगे, तो समझो घोर कलयुग आ गया’
रवि किशन के राम बनने पर सोशल मीडिया उन्हें जमकर ट्रोल कर रहीं हैं. एक दूसरे यूजर ने लिखा,
‘ये रावण जब राम बनने लगे, तभी समझो घोर कलयुग आ गया.’

रवि किशन के पोस्ट पर कमेंट
इस कमेंट में यूजर ने सीधे तौर पर एक्टर की छवि पर तंज कसा.
एक अन्य यूजर ने कि
“हिंदू धर्म इस वक्त गंभीरता से एक मजाक बन गया है. हमारे देवी-देवता और पूर्वज रो रहे होंगे. इस डिस्टोपियन रिपब्लिक में उच्च संस्कृति को पूरी तरह से नष्ट किया जा रहा है.”
इतना ही नहीं एक यूजर ने यह तक कहा कि
‘रवि किशन ने भगवान राम और उनसे जुड़ी कथाओं के बारे में खुद अध्ययन किया है या वह केवल निर्देशक की दी हुई स्क्रिप्ट के आधार पर किरदार निभाएंगे’.
किसी ने बताया भगवान राम का अपमान
रवि किशन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एक यूजर ने बिना किसी लाग-लपेट के, सीधे एक लाइन में अपना फैसला सुनाते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया,
“यह भगवान राम का अपमान है.

रवि किशन के पोस्ट पर कमेंट
रवि किशन की भोजपुरी छवि बनी चर्चा की वजह
दरअसल सोशल मीडिया पर हो रही यह भयंकर ट्रोलिंग इसी बात का सुबूत है कि दर्शक पर्दे पर भगवान राम के रूप में सिर्फ सौम्यता, पवित्रता और आदर्श की तलाश करते हैं. एक ऐसे अभिनेता, जिसकी पुरानी स्क्रीन इमेज डबल मीनिंग गानों और ‘रिमोट से लहंगा’ उठाने वाले ठुमकों से जुड़ी हो, उसे राम के रूप में स्वीकार करना फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है.
फिलहाल कुल मिलाकर, कास्टिंग का यह दांव पूरी तरह से उल्टा पड़ गया है और जनता ने रवि किशन के इस ‘राम’ अवतार को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के मामलों में दर्शक किसी भी तरह का ‘मसाला’ बर्दाश्त नहीं करेंगे.


















