धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, बोले- PM मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा

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दिल्ली। 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है.
प्रह्लाद जोशी 2024 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की धारवाड़ सीट से सांसद चुने गए हैं. वह यहां से लगातार पांचवी बार जीते हैं.


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने नए शिक्षा मंत्री का ऐलान भी कर दिया है. प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का चार्ज दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. इसके बाद शनिवार(25 जुलाई) की शाम करीब 8.15 बजे शिक्षा मंत्रालय का चार्ज प्रह्लाद जोशी को दे दिया गया. अभी जोशी खाद्य सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. जोशी मोदी सरकार 2.0 में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री रहे. इसके अलावा वह कोयला और खदान मंत्री भी रह चुके हैं. शिक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा, “मुझे सरकार ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे भी शिद्दत के साथ निभाऊंगा.”

शिक्षा मंत्री बनने के बाद क्या बोले प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी ने कहा, “मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता के भाव के साथ स्वीकार करता हूं. मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं. मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, मैं प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा.” प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के साथ कई महत्वपूर्ण पहल कीं और नई शिक्षा व्यवस्था में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है.



इससे पहले धर्मेंद्र प्रधान ने दोपहर करीब 3 बजे इस्तीफा दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी पोस्ट की. दो पेज की इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी. इसके बाद जंतर-मंतर पर 35 दिन से चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का अनशन भी प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हो गया. सरकार ने CJP की सभी मांगें मान ली हैं. इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर से सभी छात्रों को अपने-अपने घर लौटने को कहा है.

नए शिक्षा मंत्री को जानिए

देश के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी कर्नाटक से आते हैं. 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में उनका जन्म हुआ था. वह 2006 से 2013 तक कर्नाटक BJP के महासचिव रहे. इसके बाद उन्होंने कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष का पद भी संभाला.

कहां से की पढ़ाई?

प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक यूनिवर्सिटी से बैचरल ऑफ आर्ट्स में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की है. उन्होंने हुबली के के.एस. आट्र्स कॉलेज मास्टर्स किया है.

धारवाड़ सीट से हैं सांसद

प्रह्लाद जोशी 2024 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की धारवाड़ सीट से सांसद चुने गए हैं. वह यहां से लगातार पांचवी बार जीते हैं. 2024 के चुनाव में प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के विनोद आसुती को हराया है. यहां जोशी को 97324 वोटों से जीत मिली थी. इससे पहले 2019, 2014, 2009 और 2004 में भी वह यहां से विजयी हुए थे. अपने पहले लोकसभा चुनाव 2004 में उन्होंने कांग्रेस के बी.एस. पाटिल को हराया था.

2014 से मोदी सरकार के साथ थे धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तलचर में हुआ. उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई की और छात्र जीवन से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जरिए राजनीति में सक्रिय रहे. साल 2000 में वह पहली बार पल्लहड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए. इसके बाद 2004 में देवगढ़ लोकसभा सीट से सांसद बने. नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल (2014-2019) में उन्होंने पेट्रोलियम व कौशल विकास मंत्री के रूप में काम किया. दूसरे कार्यकाल (2019-2024) में उनके पास पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ-साथ इस्पात मंत्रालय और 2021 से शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी रही. तीसरे कार्यकाल (2024-2026) में वो केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने थे.

मोदी सरकार में शिक्षा मंत्रियों का सफर

▪️साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से शिक्षा मंत्रालय की कमान चार नेताओं ने संभाली. सबसे पहले मई 2014 से जुलाई 2016 तक स्मृति ईरानी शिक्षा मंत्री रहीं. उन्होंने करीब 2 साल 1 महीना तक इस पद पर काम किया, जिसके बाद कैबिनेट फेरबदल में उन्हें कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई.
▪️स्मृति ईरानी के बाद जुलाई 2016 से मई 2019 तक प्रकाश जावड़ेकर ने शिक्षा मंत्रालय संभाला. वह लगभग 2 साल 10 महीने तक मंत्री रहे. बाद में कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें सूचना व प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई.
▪️मई 2019 में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ शिक्षा मंत्री बने और जुलाई 2021 तक यानी करीब 2 साल 1 महीने तक इस पद पर रहे. स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
▪️इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने 7 जुलाई 2021 को शिक्षा मंत्री का पद संभाला और 25 जुलाई 2026 तक लगातार 5 साल 18 दिन इस मंत्रालय का नेतृत्व किया. वह मोदी सरकार में सबसे लंबे समय तक लगातार शिक्षा मंत्री रहने वाले नेता बने.

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