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जनरल नॉलेज डेस्क, नई दिल्ली। आपने नोटिस किया होगा कि परफ्यूम लगाने के कुछ मिनट बाद उसकी खुशबू महसूस नहीं होती. चलिए इस खबर में आपको बताते हैं ऐसा क्यों होता है और इसे ठीक करने के लिए क्या करें?
परफ्यूम की खुशबू अचानक क्यों गायब हो जाती?
महंगे से महंगा परफ्यूम लगाने के कुछ मिनट बाद ही उसकी खुशबू आपको महसूस नहीं होती. इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी खुशबू खत्म हो गई हो. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपकी नाक और दिमाग उस खास खुशबू के आदी हो जाते हैं. साइंस की भाषा में इसे Nose Blindness या Olfactory Adaptation कह जाता है.

नाक से दिमाग तक कैसे पहुंचती है खुशबू?
जब हम कोई खुशबू सूंघते हैं, तो नाक के घ्राण ग्राही (Smell Receptors) उसका सिग्नल दिमाग तक भेजते हैं. शुरुआत में दिमाग उस गंध को पहचानकर उससे जुड़ी भावना पैदा करता है, लेकिन बार-बार वही गंध मिलने पर उसका रिस्पॉन्स कम हो जाता है और खुशबू कम महसूस होने लगती है.
इंसानों के साथ जानवरों में भी यह दिक्कत
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऑलफैक्ट्री एडप्टेशन (olfactory adaptation) इंसानों के साथ-साथ कई जानवरों में भी पाया जाता है. कीड़े-मकौड़ों से लेकर चूहों तक, बार-बार या लंबे समय तक किसी गंध के संपर्क में रहने पर वे उसे कम नोटिस करने लगते हैं. इससे उन्हें हर समय एक ही गंध पर रिएक्ट करने के बजाय नई और जरूरी गंधों पर ध्यान देने में मदद मिलती है.
वैज्ञानिकों ने क्या पाया?
Cognitive psychologist Pamela Dalton ने scent memory और nose blindness पर लंबे समय तक शोध किया. एक अध्ययन में लोगों को तीन हफ्ते तक pine-scented air freshener दिया गया. कुछ दिनों बाद कई प्रतिभागियों ने पूछा कि क्या एयर फ्रेशनर अभी भी काम कर रहा है, जबकि उसकी खुशबू मौजूद थी.
खुशबू भूलना हमारे लिए फायदेमंद क्यों है?
इस क्षमता ने इंसानों को खतरे पहचानने में मदद की है. सड़ी हुई चीज की तेज गंध तुरंत हमारा ध्यान खींचती है और हम उससे बचते हैं. वहीं लगातार मौजूद सामान्य गंध को दिमाग नजरअंदाज कर देता है, ताकि हमारा ध्यान नए और संभावित रूप से महत्वपूर्ण संकेतों पर बना रहे.
कई Brands भी खुशबू का इस्तेमाल करना
परफ्यूम की खुशबू दोबारा महसूस करने के लिए कुछ समय के लिए दूसरी गंध सूंघ लें. परफ्यूम स्टोर्स में अलग-अलग खुशबू के बीच नाक को सही करने के लिए कॉफी बीन्स, ऊन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए अगली बार परफ्यूम गायब लगे, तो हो सकता है वह गया नहीं हो – बस आपकी नाक उसकी आदी हो चुकी हो.


















