Health Tips: करवट लेकर या सीधे सोना, कौन सी स्लीपिंग पोजीशन है बेहतर? जानें इसका सही जवाब

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हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। अच्छी सेहत के लिए सिर्फ पर्याप्त नींद लेना ही नहीं, बल्कि सही स्लीपिंग पोजीशन चुनना भी जरूरी है. आइए जानते हैं कौन सी पोजीशन बेहतर है.

अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सही स्लीपिंग पोजीशन भी मानी जाती है. कई लोग हर रात एक ही पोजीशन में सोते हैं, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. कुछ लोग करवट लेकर सोते हैं, तो कुछ पीठ या पेट के बल सोना पसंद करते हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल होता है कि सेहत के लिए कौन-सी स्लीपिंग पोजीशन बेहतर मानी जाती है. इसलिए इस बारे में सही जानकारी होना जरूरी है.

हर व्यक्ति के लिए एक ही स्लीपिंग पोजीशन सबसे अच्छी हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कई बार व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और किसी खास बीमारी के अनुसार सही पोजीशन अलग हो सकती है. सही स्लीपिंग पोजीशन अच्छी नींद के साथ शरीर को आराम देने में भी मदद कर सकती है. इसलिए अपनी जरूरत और सेहत के अनुसार सही पोजीशन चुनना जरूरी माना जाता है. आइए जानते हैं सेहत के लिए कौन सी स्लीपिंग पोजीशन बेहतर मानी जाती है और अच्छी नींद के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

सेहत के लिए कौन सी स्लीपिंग पोजीशन बेहतर मानी जाती है?

ज्यादातर लोगों के लिए करवट लेकर सोना बेहतर माना जाता है. इस पोजीशन में सांस की नली खुली रहने में मदद मिलती है, जिससे खर्राटों और स्लीप एपनिया की समस्या कुछ लोगों में कम हो सकती है. प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में भी करवट लेकर सोना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे मां और गर्भ में पल रहे बच्चे तक ब्लड फ्लो बेहतर बना रहता है.

हालांकि, हर व्यक्ति के लिए एक ही पोजीशन सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. अगर किसी को कंधे या शरीर के किसी हिस्से में दर्द की समस्या है, तो उसके लिए डॉक्टर अलग सलाह दे सकते हैं. इसलिए अपनी सेहत और आराम के अनुसार स्लीपिंग पोजीशन चुनना बेहतर माना जाता है. अगर किसी खास बीमारी की वजह से सोने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

पीठ या पेट के बल सोने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं?

पीठ के बल सोने से कुछ लोगों में खर्राटे और स्लीप एपनिया की समस्या बढ़ सकती है, क्योंकि इस स्थिति में सांस की नली पर दबाव पड़ सकता है. वहीं, पेट के बल सोने से गर्दन एक तरफ मुड़ी रहती है, जिससे गर्दन और रीढ़ पर दबाव बढ़ सकता है. कुछ लोगों को इसकी वजह से गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द भी महसूस हो सकता है.

हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है. अगर किसी पोजीशन में दर्द, सांस लेने में दिक्कत या अच्छी नींद न आए, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

अच्छी नींद के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अच्छी नींद के लिए आरामदायक गद्दे और सही तकिए का इस्तेमाल करें. रोज एक तय समय पर सोने और उठने की कोशिश करें. सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें. रात में बहुत भारी खाना खाने और ज्यादा कैफीन लेने से भी बचें.

अगर सांस रुकने की समस्या या लंबे समय तक नींद पूरी न होने जैसी परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लें. अच्छी नींद के लिए सिर्फ सही स्लीपिंग पोजीशन ही नहीं, बल्कि अच्छी लाइफस्टाइल भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है.

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