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Do You Know: आपने ध्यान दिया होगा कि सुरंग या पुल में एंट्री करने से पहले ट्रेन की रफ्तार धीमी हो जाती है. चलिए आपको बताते हैं ऐसा क्यों होता?
सुरंग में जाते ही ट्रेन की रफ्तार कम हो जाती है
आपने कभी न कभी ये चीज नोटिस की होगी कि ट्रेन जब सुरंग या पुल के पास आती है, तो उसकी रफ्तार कम हो जाती. यह कोई संयोग नहीं, बल्कि रेलवे का तय किया हुआ सुरक्षा नियम होता है.
रेलवे की पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा
रेलवे के लिए पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा होती है. इसलिए जोखिम वाले इलाकों में ट्रेन की स्पीड कम की जाती है. आइए इस नियम के पीछे की वजह जानते हैं…

लोको पायलट के लिए कंट्रोल बेहतर हो जाता
ट्रेन की स्पीड करने से ड्राइवर को आगे का रास्ता साफ दिखता है. वह सिग्नल, ट्रैक या किसी खतरे को समय रहते पहचान सकता है.
पुल की मजबूती बचाने के लिए भी ऐसा किया जाता
हर पुल की एक तय क्षमता होती है. तेज रफ्तार में ट्रेन गुजरने से ज्यादा कंपन और दबाव पड़ता है, जिससे नुकसान हो सकता है.

एक्सपैंशन गैप से पटरियां पर असर पड़ता
गर्मी-ठंड के कारण पटरियां फैलती-सिकुड़ती हैं, इसलिए उनमें गैप होता है. तेज रफ्तार में ये गैप नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि धीमी स्पीड में ट्रेन आराम से गुजरती है.
सुरंग में जाते ही हवा का दबाव तेज
सुरंग में जाते समय हवा का दबाव अचानक बदलता है. हल्की रफ्तार से यह बदलाव संतुलित रहता है और ट्रेन स्थिर रहती है.


















