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India vs Netherlands: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा. शनिवार को खेले गए मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और पहले हाफ में डच टीम को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया. हालांकि, दूसरे हाफ में नीदरलैंड्स ने लगातार गोल दागते हुए मुकाबले पर पकड़ बना ली. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए एक गोल जरूर किया, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके. इस हार के बाद भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है.
मुकाबला शुरू होते ही भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर दिखाए. फॉरवर्ड खिलाड़ी अभिषेक ने शुरुआती मिनटों में डच गोलपोस्ट पर जोरदार शॉट लगाया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट के बेहद करीब से बाहर निकल गई. भारत ने शुरुआती 11 मिनट में करीब 78 फीसदी बॉल पजेशन अपने पास रखा और नीदरलैंड्स पर लगातार दबाव बनाया. टीम इंडिया ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन मुकाबले का सबसे खतरनाक मौका नीदरलैंड्स के पास आया. भारतीय डिफेंस ने शानदार बचाव करते हुए डच टीम को बढ़त बनाने से रोक दिया.

पहले हाफ में गोल नहीं, भारत का शानदार डिफेंस
हालांकि, दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने के साथ-साथ नीदरलैंड्स के गोलपोस्ट पर हमले जारी रखे. हालांकि, भारतीय फॉरवर्ड गोल करने में कामयाब नहीं हो सके. वहीं, भारतीय डिफेंस ने नीदरलैंड्स के लगातार हमलों का मजबूती से सामना किया. दूसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 0-0 रहा और दोनों टीमें बिना गोल के हाफ टाइम में गईं.
नीदरलैंड्स ने खोला खाता
बता दें कि, दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद नीदरलैंड्स ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और भारत पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया. आखिरकार डच टीम को इसका फायदा मिला. तीजमेन रेयेंगा के बाउंस होते रिवर्स हिट को ड्युको टेलगेनकैंप ने बेहद करीब से फ्लिक करके भारतीय गोलपोस्ट में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ नीदरलैंड्स ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली. गोल खाने के बाद भारत ने बराबरी के लिए हमले तेज किए, लेकिन नीदरलैंड्स ने शानदार डिफेंस के साथ भारतीय खिलाड़ियों को गोल से दूर रखा.
काउंटर-अटैक से नीदरलैंड्स ने बढ़त की दोगुनी
वहीं, नीदरलैंड्स ने भारत के खिलाफ काउंटर-अटैक का शानदार इस्तेमाल किया. जोरिट क्रून ने खाली जगह में थाइस वैन डैम को गेंद पहुंचाई. भारतीय गोलकीपर तेजी से आगे आए और गोल बचाने की कोशिश की, लेकिन वैन डैम ने शानदार संयम दिखाते हुए गेंद को गोलकीपर के ऊपर से उठाकर खाली गोलपोस्ट में डाल दिया. इस गोल के साथ नीदरलैंड्स ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली. चौथे क्वार्टर की शुरुआत में भारत के सामने अब मुकाबले में वापसी करने की बड़ी चुनौती थी.
कप्तान हरमनप्रीत ने जगाई वापसी की उम्मीद
ज्ञात हो कि, दो गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने हार नहीं मानी. राजिंदर सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए गेंद को सर्किल के अंदर पहुंचाया और भारत के लिए पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सेट पीस की जिम्मेदारी संभाली. उनका पहला ड्रैग-फ्लिक डच खिलाड़ी के पैर से टकराया, जिससे भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला.
वहीं, इस बार हरमनप्रीत ने कोई गलती नहीं की. उन्होंने तेज और नीची ड्रैग-फ्लिक से गेंद को गोलकीपर की दाईं ओर भेज दिया. गेंद सीधे गोलपोस्ट के अंदर गई और भारत ने स्कोर 1-2 कर दिया. हरमनप्रीत के इस गोल से भारतीय खेमे में वापसी की उम्मीद जगी. टीम ने इसके बाद बराबरी के लिए लगातार हमले किए.
नीदरलैंड्स ने फिर दागा गोल, भारत की उम्मीदें खत्म
दरअसल, भारत बराबरी के लिए दबाव बना ही रहा था कि नीदरलैंड्स ने एक बार फिर शानदार काउंटर-अटैक किया. डच टीम ने भारतीय डिफेंस को पीछे धकेलते हुए गोल करने का मौका बनाया और अपनी बढ़त को 3-1 कर दिया. दो गोल से पीछे होने के बाद भारत ने वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन नीदरलैंड्स के मजबूत डिफेंस को भेदना आसान नहीं रहा. अंतिम सीटी बजने तक स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ और नीदरलैंड्स ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया.
भारत की सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
फिलहाल, भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि टीम ने पहले हाफ में शानदार हॉकी खेली थी. गेंद पर बेहतर नियंत्रण के बावजूद भारतीय टीम अपने मौकों को गोल में नहीं बदल सकी. इसके उलट नीदरलैंड्स ने मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया. अब भारतीय टीम के लिए आगे के मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं. सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को अगले मैचों में न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि गोल अंतर और दूसरी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी.


















