छत्तीसगढ़ में चाचा बना है हैवान.!  पहले भाभी को भगाया, फिर 2 साल की भतीजी को जलती अंगीठी पर बैठाया..इलाज के दौरान तोड़ा दम..पढ़ें पूरी ख़बर

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Chhattisgarh Crime News/बिलासपुर। कोनी क्षेत्र के ग्राम घुटकू में पारिवारिक विवाद के बीच दो साल की बच्ची को उसके चाचा ने जलती अंगीठी पर बैठा दिया। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपित नितिन लोनिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कोनी टीआई जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि ग्राम घुटकू निवासी सुधीर लोनिया की शादी निकिता लोनिया से हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद उनके यहां बेटी का जन्म हुआ। पुलिस के मुताबिक, बाद में निकिता और उसके देवर नितिन के बीच प्रेम संबंध हो गए।

वहीं, 26 अगस्त को निकिता अपनी बेटी को साथ लेकर नितिन के साथ चली गई। पत्नी और भाई के साथ जाने की आशंका जताते हुए सुधीर ने पुलिस से शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

बता दें कि, मंगलवार को पुलिस को दोनों के वापस लौटने और घर में विवाद होने की सूचना मिली। टीम मौके पर पहुंची तो नितिन के सिर पर गंभीर चोट थी, जबकि बच्ची झुलसी हालत में मिली। पुलिस ने दोनों का मेडिकल जांच कराने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, लेकिन बुधवार को उसने दम तोड़ दिया।

हालांकि, पूछताछ में नितिन ने बताया कि वह अपनी भाभी के साथ तीन दिन पहले घुटकू लौटा था। इसके बाद घर में लगातार विवाद चल रहा था। इसी दौरान गुस्से में उसने बच्ची को जलती अंगीठी पर बैठा दिया। पुलिस ने गुमशुदगी के मामले में हत्या की धारा जोड़कर कार्रवाई की है।

रिश्ते की दरार ने बढ़ाया विवाद

वहीं, परिवार में शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप लेता गया। पुलिस के अनुसार, निकिता के अपने देवर नितिन के साथ चले जाने के बाद पति-पत्नी और भाइयों के बीच तनाव की स्थिति बनी। नितिन के वापस लौटने के बाद घर में विवाद लगातार जारी रहा। इसी दौरान मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति भी बनी, जिसमें नितिन के सिर पर गंभीर चोट आई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के भीतर का माहौल तनावपूर्ण था। इसी कार्रवाई के दौरान बच्ची के झुलसे होने की जानकारी सामने आई और पुलिस ने तत्काल इलाज की व्यवस्था कराई।

अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं बची मासूम

दरअसल, पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल नितिन और झुलसी बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। बच्ची के शरीर पर आग से झुलसने के गंभीर निशान थे। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। स्वजन और पुलिस की मौजूदगी में उसका इलाज चलता रहा। बुधवार को इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल से मिली जानकारी और डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की। बच्ची की मौत के बाद प्रकरण को गंभीर धाराओं में आगे बढ़ाया गया।

गुमशुदगी से हत्या के मामले तक पहुंची जांच

फिलहाल, निकिता और नितिन के घर से चले जाने के बाद सुधीर की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी, इसी बीच उनके घुटकू लौटने की जानकारी मिली। घर पहुंचने पर पुलिस को बच्ची के झुलसने और नितिन के घायल होने की जानकारी मिली। पूछताछ में नितिन ने बच्ची को अंगीठी पर बैठाने की बात स्वीकार की। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने गुमशुदगी से जुड़े मामले में हत्या की धारा जोड़ दी। कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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