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India vs Sri Lanka 2nd Test: शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम का सफर टेस्ट क्रिकेट में दमदार रहा है. इंग्लैंड में भारत ने टेस्ट सीरीज ड्रॉ करवाई तो वेस्टइंडीज को घर में हराया. वहीं श्रीलंका के खिलाफ भी टेस्ट सीरीज का आगाज जीत के साथ किया है. अब गिल के पास बतौर कप्तान विदेश में पहली टेस्ट सीरीज जीतने का मौका है. कोलंबो में वो ये कमाल कर सकते हैं लेकिन सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान में जीत ऐसे ही नहीं मिलेगी. इसके लिए टॉस में किया गया फैसला बड़ा अहम साबित होगा.
वहीं, रविवार 23 अगस्त से भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो के ऐतिहासिक SSC ग्राउंड पर खेला जाएगा. इस मैच में टीम इंडिया 1-0 की बढ़त के साथ उतरेगी और उसके पास सीरीज जीतने का मौका होगा. इसके लिए टीम को दमदार प्रदर्शन तो करना ही होगा लेकिन इसमें बड़ा असर मैच से पहले का फैसला भी निभा सकता है. ये फैसला है पहले बैटिंग या फील्डिंग? इस मैदान का हालिया इतिहास बताता है कि पहले फील्डिंग करने से ही जीत मिलेगी.
पहले फील्डिंग करने पर जीत तय!
दरअसल, कोलंबो के इस मैदान पर 1984 से टेस्ट मैच खेले जा रहे हैं और सबसे ज्यादा मैच यहां उसी टीम ने जीते हैं, जिसने पहले बैटिंग की है. ऐसे में तर्कों के आधार पर तो यही सही लगता है कि टॉस जीतने वाली टीम पहले बैटिंग करे. मगर 2018 के बाद से यहां सिर्फ 3 टेस्ट मैच खेले गए हैं और तीनों इस दशक में यानि 2021 के बाद खेले गए हैं. इन तीनों मैच में पहल गेंदबाजी करने वाली टीम ही जीती है और ये बात सिर्फ मेजबान श्रीलंका ने ही साबित नहीं की है. श्रीलंका ने यहां एक मैच में बांग्लादेश और एक में अफगानिस्तान को पहले गेंदबाजी करते हुए हराया है. वहीं एक टेस्ट में जब श्रीलंकाई टीम को पहले बैटिंग करनी पड़ी तो पाकिस्तान ने वो मुकाबला जीता.
SSC में टीम इंडिया का दमदार रिकॉर्ड
फिलहाल भारतीय कप्तान शुभमन गिल के सामने लक्ष्य साफ है- टॉस जीतो तो पहले बॉलिंग चुनो. हालांकि हर मैच एक नया मुकाबला होता है और ऐसे में इस बार भी वही हो, कहा नहीं जा सकता. फिर भी टीम इंडिया इस रिकॉर्ड पर नजर जरूर रख रही होगी. साथ ही एक और आंकड़ा है, जिस पर टीम इंडिया और फैंस की नजरें होंगी. ये है SSC में भारतीय टीम का प्रदर्शन. इस मैदान पर टीम इंडिया ने कुल 9 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से 3 में उसे जीत मिली है, जबकि सिर्फ 2 में शिकस्त मिली है और 4 ड्रॉ रहे हैं. इतना ही नहीं, 2010 के बाद से भारत ने जो 3 टेस्ट खेले, उसमें से एक ड्रॉ रहा और बाकी दोनों भारत ने जीते, जिसमें पिछला मैच 2017 में आया था.


















