Sawan Special: भगवान शिव को सावन का महीना क्यों है इतना प्रिय? पढ़ें पौराणिक कथा

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Sawan Special: सावन का (Sawan Special) महीना भगवान शिव का महीना कहा जाता है क्योंकि इस दौरान चारों तरफ केवल भगवान शिव के ही नाम के नारे लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव को सावन का महीना इतना क्यों पसंद है।

Sawan Special: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, इस महीने में शिवभक्तों की कतार देखने को मिलती है। विभिन्न उपायों से लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव को सावन का महीना इतना प्रिय क्यों है, चलिए इस लेख के माध्यम से समझते हैं।

भगवान शिव को क्यों प्रिय है सावन का महीना?

वहीं हिंदू धर्म में त्रिदेव का उल्लेख देखने को मिलता है जिसमें संसार के रचयिता ब्रह्मा, पालनकर्ता भगवान विष्णु और संहारक भगवान शिव हैं। भगवान शिव संसार के संचालक के रूप में विख्यात हैं। ये महीना सावन का चल रहा है जिसे हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण मास का दर्जा दिया गया है और इसके पीछे का कारण है कि सावन का महीना भगवान शिव को अति प्रिय है। आपने देखा होगा कि सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त कांवड़ यात्रा लेकर जाते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।

ज्ञात हो कि, सावन के सोमवार की महत्वता भी अलग ही है। कहते हैं कि सावन के सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव व्यक्ति के सभी कष्ट हर लेते हैं और मनवांछित फल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान शिव को ही ये महीना क्यों समर्पित है और सभी महीनों में भगवान शिव को सावन का महीना ही क्यों प्रिय है। चलिए इस लेख के माध्यम से समझते हैं।



सावन में भगवान शिव और माता पार्वती हुए थे एक

दरअसल भगवान शिव का विवाह माता सती से हुआ था। लेकिन जब राजा दक्ष ने अपनी पुत्री (सती) के पति (भगवान शिव) को भरी सभा में अपमानित किया तब माता सती ने अग्नि में आत्मदेह कर दिया था और प्रण लिया था कि यदि अगला जन्म मिला तो भी भगवान शिव को ही अपने पति के रूप में पाऊं। उसके बाद माता सती ही पार्वती के रूप में पर्वतराज के घर जन्म लेती हैं। पार्वती माता ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था जिसके बाद शिवजी ने उन्हें अपनी अर्धांग्नी स्वीकार किया था।

फिलहाल भगवान शिव और माता पार्वती विवाह के बंधन में बंधे और समस्त देवी-देवता इस चमत्कारी क्षण के साक्ष्य बने। मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती सावन के महीने में ही एक हुए थे और उसी समय वह पृथ्वी पर आए थे फिर ससुराल में निवास किया था। कहते हैं कि भगवान शिव हर महीने सावन के महीने में पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों को आशीर्वाद और सदबुद्धि देते हैं। इसलिए भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना सावन माना जाता है।

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