जेंडर बदलकर बनीं ‘लेडी अघोरी’, चिता से मांस खाने वाली काली नंद गिरी के शादी और ठगी की कहानी

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‘Lady Aghori’ Kali Nand Giri Arrested: उज्जैन के श्मशान घाट में जलती चिता के पास बनाया गया एक VIDEO वायरल होने के बाद ‘लेडी अघोरी’ के नाम से चर्चित काली नंद गिरी एक बार फिर सुर्खियों में है।

वीडियो में वह चिता से कथित तौर पर शव के टुकड़े निकालकर खाने का दावा करती नजर आती है। मामले में पुलिस ने शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।

कोर्ट ने 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लेकिन इस मामले के बाद काली नंद गिरी से जुड़े पुराने विवाद भी सामने आने लगे हैं। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उसके खिलाफ छात्रा से शादी, तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पैसे लेने और पहचान को लेकर कई दावे किए गए थे।

कौन हैं काली नंद गिरी?

काली नंद गिरी को सोशल मीडिया पर ‘लेडी अघोरी’ के नाम से पहचान मिली। मंदिरों, धार्मिक स्थलों, साधना और सनातन धर्म से जुड़े उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज का दावा है कि काली नंद गिरी की पुरानी पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी। उनका कहना है कि बाद में जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी के बाद उन्होंने किन्नर के रूप में अपनी पहचान बनाई और काली नंद गिरी के नाम से सामने आईं।

हालांकि, पहचान और जेंडर से जुड़े ये दावे शिकायतकर्ता और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि पुलिस, मेडिकल और अदालत के रिकॉर्ड से ही हो सकती है। janjantaksandesh.com इसकी पुष्टी नहीं करता है।

वर्षिणी से शादी का मामला

साल 2025 में काली नंद गिरी और वर्षिणी नाम की युवती की शादी से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने मध्य प्रदेश के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। वीडियो में वरमाला, मंगलसूत्र और सात फेरे जैसी रस्में दिखाई देने की बात कही गई थी।

शादी के बाद वर्षिणी ने आरोप लगाया था कि वह इस रिश्ते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी और उस पर शादी के लिए दबाव बनाया गया। उसने धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। वर्षिणी के मुताबिक, वह शुरुआत में आध्यात्मिक ज्ञान और अघोरी साधना के बारे में जानने के लिए काली नंद गिरी के संपर्क में आई थी। बाद में उसे उनकी कही कुछ बातों पर शक हुआ। इस मामले में पुलिस शिकायत की बात भी सामने आई थी।

एक और युवती ने भी लगाया था शादी का आरोप

अप्रैल 2025 की मीडिया रिपोर्टों में एक दूसरी युवती के दावे का भी जिक्र हुआ था। युवती ने कहा था कि उसने 1 जनवरी को अल्लूरी श्रीनिवास से शादी की थी। उसका आरोप था कि शादी के करीब 12 दिन बाद ही श्रीनिवास ने वर्षिणी से भी शादी कर ली। इस मामले को लेकर युवती ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद काली नंद गिरी की पुरानी पहचान और निजी जिंदगी को लेकर कई सवाल उठे।

तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख लेने का आरोप

काली नंद गिरी उर्फ अल्लूरी श्रीनिवास पर तेलंगाना में ठगी का आरोप भी सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक महिला फिल्म निर्माता ने पुलिस से शिकायत की थी कि परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने और तांत्रिक अनुष्ठान करने के नाम पर उससे करीब 10 लाख रुपये लिए गए।

महिला ने आरोप लगाया था कि पैसे वापस मांगने पर उसे धमकी दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से काली नंद गिरी को ट्रेस किया और अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।

मेडिकल जांच को लेकर भी आया था दावा

गिरफ्तारी के बाद काली नंद गिरी की मेडिकल जांच को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं। इनमें सरकारी अस्पताल में हुई जांच के हवाले से उनका मूल नाम श्रीनिवास बताए जाने और पहले जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी होने का दावा किया गया था। हालांकि, इस मेडिकल रिपोर्ट की मूल प्रति या आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसे भी फिलहाल मीडिया रिपोर्ट का दावा ही माना जाना चाहिए।

जलती चिता के पास वीडियो से फिर विवाद

वहीं, अब उज्जैन का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में काली नंद गिरी श्मशान में जलती चिता के पास नजर आती हैं। उनके हाथ में तलवार दिखाई देती है। वीडियो में वह कथित तौर पर चिता से शव के टुकड़े निकालकर खाने का दावा करती दिखाई देती हैं और मानव मांस खाने की बात भी करती हैं।

वहीं, यह वीडियो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट digambarladyaghorinagasadhvi से शेयर किए जाने की बात सामने आई है। वायरल होने के बाद वीडियो को अकाउंट से हटा दिया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने दर्ज की FIR

दरअसल, जीवाजीगंज थाना सीएसपी पुष्पा प्रजापति के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने पुलिस में शिकायत की। शिकायत में वीडियो का हवाला देते हुए शव के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद काली नंद गिरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

श्मशान में आने पर रोक की मांग

फिलहाल, काली नंद गिरी की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता विष्णुनाथ महाराज ने उनके श्मशान में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि श्मशान अंतिम संस्कार और साधना का स्थान है। वहां इस तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से वहां का माहौल और व्यवस्था प्रभावित होती है।

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