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हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर कई लोगों को मसूड़ों से खून आने की समस्या होती है. ऐसे में इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि कई बार यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. आइए इस बारे में डिटेल में समझते हैं.
ब्रश करते समय या कुछ सख्त चीज खाने के दौरान कई लोगों के मसूड़ों से खून आने लगता है. अक्सर लोग इसे छोटी-सी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह बार-बार होने लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. मसूड़े हमारे दांतों को मजबूती से पकड़कर रखने का काम करते हैं, इसलिए उनका स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है. कई बार दांतों की सही सफाई न करना, प्लाक जमना या मसूड़ों में सूजन जैसी वजहों से भी यह समस्या हो सकती है. मसूड़ों से खून आने के साथ सूजन, लालपन, मुंह से बदबू या दांत साफ करते समय दर्द जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं.
धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वाले, डायबिटीज के मरीज और दांतों की सफाई का सही ध्यान न रखने वाले लोगों में मसूड़ों की समस्या का खतरा ज्यादा हो सकता है. अगर बार-बार मसूड़ों से खून आए या दूसरे लक्षण भी नजर आने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसे में जानना जरूरी है कि मसूड़ों से खून आना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है, किन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें.
मसूड़ों से खून आना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?
MedlinePlus के अनुसार, बार-बार मसूड़ों से खून आना जिंजिवाइटिस और पीरियडोंटाइटिस जैसी गम डिजीज का संकेत हो सकता है. जिंजिवाइटिस गम डिजीज का शुरुआती चरण है. इसमें दांतों पर प्लाक जमा होने से मसूड़ों में सूजन, लालपन और ब्रश करते समय खून आने की समस्या हो सकती है.
अगर समय पर इसका इलाज न कराया जाए, तो यह पीरियडोंटाइटिस में बदल सकती है. इस स्थिति में मसूड़े दांतों से अलग होने लगते हैं, उनके बीच जगह बन जाती है और वहां बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं. धीरे-धीरे दांतों को सहारा देने वाली हड्डी और टिश्यू को नुकसान पहुंच सकता है. गंभीर मामलों में दांत हिलने या गिरने की नौबत भी आ सकती है. इसलिए मसूड़ों से बार-बार खून आने पर डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है.
किन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर मसूड़ों से कई दिनों तक लगातार खून आता रहे, मसूड़ों में सूजन या तेज दर्द हो, मुंह से लगातार बदबू आए, मसूड़ों से पस निकलने लगे, दांत हिलने लगें या मसूड़े दांतों से अलग होते दिखाई दें, तो तुरंत डेंटिस्ट से मिलना चाहिए.
इसके अलावा, अगर ब्रश या फ्लॉस करने के बाद हर बार ज्यादा खून आए या समस्या समय के साथ बढ़ती जाए, तो जांच कराना जरूरी है. समय पर इलाज कराने से गम डिजीज को बढ़ने से रोका जा सकता है और दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है.
मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करें और रोज फ्लॉस का इस्तेमाल करें, ताकि दांतों के बीच फंसी गंदगी साफ हो सके. बहुत सख्त ब्रश का इस्तेमाल करने से बचें और समय-समय पर अपना टूथब्रश बदलें. तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाएं, क्योंकि ये मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
संतुलित खानपान लें, ताकि शरीर को जरूरी विटामिन और पोषक तत्व मिल सकें. साथ ही, समय-समय पर डेंटिस्ट से दांतों और मसूड़ों की जांच भी कराते रहें. इससे शुरुआती समस्या का पता लगाकर समय पर इलाज किया जा सकता है.


















