AAP की सरकार बनी तो 5 दिन में बंद कर देंगे E20 पेट्रोल, केजरीवाल का बड़ा ऐलान..पढ़ें पूरी खबर

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दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को लेकर बड़ा ऐलान किया है. केजरीवाल ने मंगलवार (25 अगस्त) को गोवा में E20 पेट्रोल के खिलाफ दूसरा टाउनहॉल किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर गोवा में AAP की सरकार बनती है,तो 5 दिन के अंदर E20 पर बैन लगा दिया जाएगा.

वहीं BJP पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इनको लगता है कि जनता वोट तो हमें ही देगी, सरकार तो हमारी ही बनेगी. इनको यह अहंकार है कि जनता हमारे पास ही आएगी, कहां जाएगी.” केजरीवाल ने कहा, “इस बार विधानसभा चुनाव में एक बार अगर गोवा और उत्तर प्रदेश के अंदर BJP हार जाए, तो मैं आपको बता रहा हूं कि 10 मार्च को नतीजे आएंगे और 15 मार्च तक E20 वापस हो जाएगा.”

87% लोग E20 की वजह से परेशान-केजरीवाल

बता दें कि, अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “गोवा के अंदर 87% लोग E20 की वजह से परेशान हैं. 87% लोग टू-व्हीलर ओन करते हैं. 47% लोग फोर-व्हीलर ओन करते हैं. अगर सब मिलकर एक बार ठान लें कि इस बार BJP को वोट नहीं देना है, तो मुझे लगता है कि 5 दिन के अंदर अगर E20 वापस नहीं हो जाएगा. अगर मैं गलत हुआ, तो राजनीति छोड़ दूंगा.”

1 अप्रैल 2026 से रोलआउट हुआ था E-20 पेट्रोल

ज्ञात हो कि 1 अप्रैल 2026 तक देशभर में E-20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल रोलआउट हो चुका है. देश के 48 पेट्रोल पंपों पर 85% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल भी शुरू हो गया है. दिसंबर 2026 तक इसे 500 पंपों तक पहुंचाने का लक्ष्य है. एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल (Ethyl Alcohol) है. इसका केमिकल फॉर्मूला C₂H₅OH है. यह एक रंगहीन और जलने वाला लिक्विड है. ये मक्का, चावल, गेंहू जैसी फसलों की प्रोसेसिंग से बनता है. चूंकि, ये ज्वलनशील होता है; इसलिए फ्यूल के तौर पर पेट्रोल में मिलाकर इस्तेमाल होता है.

एथेनॉल मिक्स फ्यूल की 3 कैटेगरी

वहीं, एथेनॉल मिक्स फ्यूल की 3 कैटेगरी होती है. E-10, E-20 और E-85. जब पेट्रोल में 10% इथेनॉल मिलाया जाता है, तो इसे E-10 कहते हैं. जब पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल मिलाया जाता है, तो उसे E-20 फ्यूल कहा जाता है. भारत सरकार का लक्ष्य देशभर में फेजवाइज तरीके से E-20 फ्यूल को बढ़ावा देना है. जब पेट्रोल में 85% इथेनॉल मिलाया जाता है, तो इसे E-85 कहते हैं. भारत ने 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से करीब 5 साल पहले हासिल कर लिया है.

क्या E20 से इंजन खराब होता है?

दरअसल केंद्र सरकार ने पहली बार माना कि E-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल ब्लेंडिंग) का इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है. केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में राज्यसभा में लिखित जवाब में ये जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने पर गाड़ी की कैटेगरी और उसकी उम्र के आधार पर फ्यूल इकॉनमी (माइलेज) 2 से 6% तक कम हो सकती है.

फिलहाल नितिन गडकरी ने कहा- BS-3 स्टैंडर्ड वाली कुछ पुरानी गाड़ियों में E-20 के कारण कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट बदलने पड़ सकते हैं. ये गाड़ियां मुख्य रूप से 2005 से 2016 के बीच बने हैं. ये पार्ट्स रेगुलर सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एथेनॉल पुराने रबर को समय के साथ सख्त, मुलायम या फुला सकता है. पहले रबर एथेनॉल के लंबे संपर्क के हिसाब से नहीं बनाए गए थे. हालांकि, गाड़ी चलती रहेगी, तो कोई खराबी नहीं आएगी. बस, उसका मेंटेनेंस बढ़ाना होगा.

क्या सभी व्हीकल एथेनॉल पर चल सकते हैं?

नहीं. पुरानी गाड़ियों में बहुत ज्यादा एथेनॉल मिक्स वाले फ्यूल का इस्तेमाल करने से इंजन और फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है. इसी कारण ऑटोमोबाइल कंपनियां अब ऐसे इंजन डेवलप कर रही हैं, जो E-20 या उससे ज्यादा एथेनॉल मिक्स को आसानी से संभाल सकें.

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