GK: साइक्लोन का नाम अर्नब कैसे पड़ा, क्या है इसका मतलब? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

🇮🇳

Arnab Cyclone Name Meaning: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब आगे बढ़ रहा है. कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जानें, इसे किसने दिया नाम और क्या है नाम का मतलब.

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का असर नजर आ रहा है. कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मंगलवार दोपहर के बुलेटिन के मुताबिक, यह तूफान पिछले छह घंटों में 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है. 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है. हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. अर्नब तूफान को यह नाम बांग्लादेश ने दिया है.

बांग्ला भाषा में अर्नब का अर्थ ‘महासागर’ है. कुछ रिपोर्ट्स में इसका अर्थ ‘समुद्र’ भी बताया गया है. नाम का किसी व्यक्ति विशेष से कोई संबंध नहीं है.

अर्नब नाम कैसे रखा गया?
उत्तर हिंद महासागर में उठने वाले चक्रवातों के नाम कोई एक देश तय नहीं करता. इसके लिए क्षेत्र के 13 देशों का एक पैनल है, जिसमें भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और यमन जैसे देश शामिल हैं. हर देश ने भविष्य के चक्रवातों के लिए 13-13 नाम दिए हैं.

पुरानी सूची खत्म होने के बाद नई सूची बनी. 2004 की सूची में आखिरी नाम ‘अम्फान’ था, जो थाईलैंड ने दिया था, और उसके बाद IMD ने नई सूची जारी की. इसी नई सूची में बांग्लादेश के सुझाए नाम निसर्ग, बिपरजॉय और अर्नब शामिल हैं. WMO की सूची में बांग्लादेश के कॉलम में अर्नब, बिपरजॉय के बाद आता है. इनमें से निसर्ग और बिपरजॉय पहले के तूफानों को दिए जा चुके हैं.


तमिलनाडु के थूथुकुडी में चक्रवात की चेतावनी के बाद सोमवार को मछली पकड़ने वाली नावें एक मछली पकड़ने वाले बंदरगाह पर लंगर डाले खड़ी रहीं.

नाम चुनने के नियम क्या हैं?
चक्रवात का नाम चुनने के पीछे भी कुछ शर्तें हैं. नाम राजनीति, राजनीतिक हस्तियों, धार्मिक मान्यताओं, संस्कृतियों और जेंडर के मामले में तटस्थ होना चाहिए. नाम छोटा और आसानी से समझ में आने वाला होना चाहिए. नाम से कोई भी समुदाय आहत न हो. तूफानों का नाम रखने का मकसद सीधा है कि एक ही समय में कई तूफान सक्रिय हों तो लोग और एजेंसियां उनको लेकर चेतावनी को समझ सकें.



आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में तूफान के तट से टकराने से पहले बारिश हुई.

हर सिस्टम को नाम नहीं मिलता
नाम तभी दिया जाता है जब सिस्टम चक्रवाती तूफान की तीव्रता तक पहुंच जाए. सितंबर में इसी वजह से भ्रम फैला था. तब बंगाल की खाड़ी का सिस्टम डीप डिप्रेशन की स्थिति में ही रहा, इसलिए उसे ‘चक्रवात अर्नब’ कहना तकनीकी रूप से सही नहीं था. इस बार का सिस्टम चक्रवाती तूफान की श्रेणी पार कर चुका है.

समुद्र तट पर टकराने से पहले दिखा असर
This is what Vizag looks like after Cyclone Arnab passed through https://t.co/u0tpezfp1j

चक्रवात कैसे बनता है?
गर्म समुद्र: समुद्र की सतह का तापमान करीब 26.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा होने पर भारी मात्रा में पानी भाप बनकर ऊपर उठता है
कम दबाव का क्षेत्र: गर्म और नम हवा ऊपर उठती है तो नीचे हवा का दबाव घट जाता है. आसपास की ठंडी हवा इस खाली जगह को भरने के लिए आती है.
एनर्जी: ऊपर उठी भाप बादलों में बदलती है और इस दौरान गर्मी छोड़ती है. यही गर्मी तूफान को और ताकत देती है.
हवा: ऊंचाई पर हवा की रफ्तार में ज्यादा फर्क न हो तो सिस्टम बिखरता नहीं और मजबूत होता जाता है.

Please Share With Your Friends Also

‘जन-जन तक संदेश’ ( Jan Jan Tak Sandesh) यह छत्तीसगढ़ का एक तेजी से बढ़ता हुआ हिंदी न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सिर्फ खबरें पहुँचाना नहीं, बल्कि समाज की आवाज़ बनना है।

Leave a Comment