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आज का ऐतिहासिक घटनाक्रम, 13 जुलाई: 13 जुलाई 2011 की शाम को व्यस्त समय में, भारत के मुंबई शहर में तीन बम धमाके हुए। इन समन्वित हमलों में 26 लोगों की जान चली गई।
यदि हम वर्ष के शेष दिनों की गणना करें, तो केवल 171 दिन शेष हैं। 13 जुलाई को कई महत्वपूर्ण घटनाएँ, जन्मदिन और मृत्यु देखी गई हैं। इतिहास में, 13 जुलाई को विश्व ने विजय और त्रासदी के विविध ताने-बाने देखे हैं, जो इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं।
फिर भी, विजय और दुःख के बीच, इसने ऐसे असाधारण व्यक्तियों को भी जन्म दिया है जिन्होंने मानवता की दिशा तय की है। आइए, उन घटनाओं और असाधारण लोगों के समृद्ध ताने-बाने को जानें जिन्होंने 13 जुलाई को एक अविस्मरणीय दिन बना दिया है।
ऐतिहासिक क्षण
1249 : अलेक्जेंडर तृतीय को स्कॉट्स का राजा बनाया गया:
सन् 1249 में इसी दिन, अलेक्जेंडर तृतीय स्कॉटलैंड के राजा के रूप में सिंहासन पर आसीन हुए। उनका शासनकाल 1286 में उनकी असामयिक मृत्यु तक चला और उन्हें स्कॉटलैंड राज्य को स्थिर और मजबूत करने के उनके प्रयासों के लिए याद किया जाता है।
1558 : ग्रेवलिन्स की लड़ाई:
13 जुलाई, 1558 को हुई ग्रेवलिन्स की लड़ाई, 1551-1559 के इतालवी युद्ध में एक महत्वपूर्ण घटना थी। काउंट लैमोरल ऑफ एगमोंट के नेतृत्व में स्पेनिश सेना ने ग्रेवलिन्स में मार्शल पॉल डी थर्मेस के नेतृत्व वाली फ्रांसीसी सेना को सफलतापूर्वक हराया।
1573 : हार्लेम की घेराबंदी का अंत:
सात महीने तक चले भीषण संघर्ष के बाद, नीदरलैंड्स के हार्लेम शहर ने अंततः 13 जुलाई, 1573 को आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे अस्सी वर्षीय युद्ध के दौरान हार्लेम की घेराबंदी का अंत हुआ। डच विद्रोहियों ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के प्रयास में स्पेनिश सेनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
1793 : जीन-पॉल माराट की हत्या:
फ्रांसीसी क्रांति के एक प्रमुख व्यक्ति और कट्टरपंथी मोंटाग्नार्ड गुट के नेता जीन-पॉल माराट की 13 जुलाई, 1793 को हत्या कर दी गई थी। माराट की हत्या गिरोंडिन गुट की एक युवा समर्थक शार्लोट कॉर्डे ने चाकू मारकर की थी। बाद में कॉर्डे को उसके इस कृत्य के लिए गिलोटिन से मौत की सजा दी गई।
1830 : स्कॉटिश चर्च कॉलेज की स्थापना:
राजा राम मोहन रॉय और ईसाई धर्म प्रचारक अलेक्जेंडर डफ ने 13 जुलाई, 1830 को कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता), भारत में स्कॉटिश चर्च कॉलेज की स्थापना की। इस कॉलेज ने औपनिवेशिक भारत में आधुनिक शिक्षा और धार्मिक सुधार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1930 : फीफा विश्व कप का उद्घाटन:
विश्व फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, पहला फीफा विश्व कप, 13 जुलाई 1930 को उरुग्वे में शुरू हुआ। इस टूर्नामेंट में चार महाद्वीपों की 13 टीमों ने खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा की, जिसमें उरुग्वे विश्व कप का पहला चैंपियन बनकर उभरा।
1941 : मोंटेनेग्रो का तेरहवाँ विद्रोह:


















