🇮🇳
Chhattisgarh News/सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एलंपल्ली गांव में बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को खाट का सहारा लेना पड़ा। वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मरीज को खाट पर लिटाया और बारी-बारी से कंधों पर उठाकर कई किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक, 45 वर्षीय माड़वी पाले पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थी। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तत्काल वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद परिजनों ने खाट को ही अस्थायी एंबुलेंस बना लिया और मरीज को लेकर जगरगुंडा अस्पताल के लिए निकल पड़े। इस दौरान परिवार के सदस्य बारी-बारी से खाट को अपने कंधों पर उठाकर मरीज को अस्पताल तक लेकर गए। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद दूरस्थ और अंदरूनी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
एंबुलेंस चालक ने बताई अलग वजह
फिलहाल, मामले में एंबुलेंस चालक की ओर से अलग दावा सामने आया है। चालक का कहना है कि परिजनों ने एंबुलेंस के लिए फोन नहीं किया था। वाहन भी कुछ दिनों से खराब था। हालांकि वायरल वीडियो ने एक बार फिर सुकमा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में सड़क, परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की जरूरत को उजागर किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान समय पर एंबुलेंस या अन्य परिवहन सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, यह घटना उसकी तस्वीर पेश करती है।
देखें वीडियो –


















