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बिहार। 85 साल की उम्र में जहां लोग राम का भजन करते हैं, आखिरी सांस लेने से पहले तीर्थ यात्रा करते हैं वहां बिहार के एक बुजुर्ग को जेल यात्रा का फरमान जारी हो गया है. इस घटना से जुड़ी एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे देखकर लोग यही कह रहे हैं कि जवानी के काले कामों की सजा बुढ़ापे में ही भुगतनी पड़ती है.
कानून की तरफ से देरी ही सही, लेकिन न्याय जरूर मिलता है. यह मामला 1992 का बताया जा रहा है, जिसने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है.
जेल में कटेंगे जिंदगी के अंतिम दिन
ज्ञात हो कि, ये पूरा मामला वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित जुड़ावनपुर का बताया जा रहा है जहां 1992 के दशक में आपसी विवाद के चलते एक दंपति पर फायरिंग और जानलेवा हमला हुआ था. इस मामले में एक ही परिवार को 5 लोगों पर केस दर्ज हुआ था, लेकिन 34 साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान 4 लोगों के मौत हो गई और एक व्यक्ति बच गया. वायरल वीडियो में जो बुजर्ग नजर आ रहे हैं वो अकेले आरोपी हैं, जिन्हें मुकदमे में दोषी ठहराया गया है और सजा सुना दी गई है.
1993 में की थी फायरिंग
दरअसल, न्यायालय परिसर के बाहर रिकॉर्ड की गई वीडियो में नजर आ रहे बुजुर्ग का नाम दीप या उर्फ जिसा राय है, जिनकी उम्र करीब 85 साल है. यह उम्र का तकाजा है कि शरीर साथ नहीं दे रहा. उठने-बैठने के लिए भी 2 लोगों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन कानून की नजर में न्याय सब के लिए बराबर है, इसलिए साल 1993 में दाखिल एक चार्टशीट के मामले में 34 साल बाद आखिरी सुनवाई की गई और 2 जून 2026 को आरोपी बुजुर्ग को हिरासत में भेज दिया.
34 साल बाद हुआ न्याय?
फिलहाल, संबंधित घटना में 10 मई 1992 को मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए थे कि जब वो अपनी पत्नी के साथ दरवाजे पर बैठे थे तो हथियार से लैस 5 आरोपियों ने उन पर हमला किया था. उसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने IPC की धारा 147, 148, 307 और 134 आर्म्स एक्ट के तहत पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया, क्योंकि 4 की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए 85 साल के दीप राय को हिरासत में भेजने का ऐलान हुआ है.


















